एक्टर से मुख्यमंत्री बने C. Joseph Vijay एक बार फिर पूरे देश की चर्चा में हैं — लेकिन इस बार किसी फिल्म की वजह से नहीं, बल्कि तमिलनाडु CM विजय का बड़ा ऐलान जिसने लाखों गरीब बच्चों की जिंदगी बदल दी।
पर्दे पर वो हमेशा गरीबों का मसीहा बनते थे — आज हकीकत में भी वही कर दिखाया। उनकी सरकार के एक फैसले ने जहाँ बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी, वहीं माँ-बाप के कंधों से एक बड़ा बोझ उतार दिया।
आखिर ऐसा क्या कर दिया विजय थालापाठ्य ने कि राज्य का हर विद्यार्थी खुशी से झूम उठा? आइए जानते हैं वो फैसला जो तमिलनाडु की शिक्षा व्यवस्था में एक नई क्रांति लेकर आया है।
क्या है CM विजय का बड़ा ऐलान?

तमिलनाडु सरकार के परिवहन मंत्री A. Vijay Tamilan Parthiban ने घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूली छात्र यूनिफॉर्म पहनकर सरकारी बसों में बिल्कुल मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। वहीं सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और ITI के छात्र अपना कॉलेज आईडी कार्ड दिखाकर मुफ्त में सफर कर सकते हैं।
दरअसल, 4 जून 2026 को स्कूलों के फिर से खुलने के बाद 2026–27 सत्र के लिए नए बस पास जारी करने में कुछ समय लगेगा। इसी बीच की खाई को पाटने के लिए यह अस्थायी लेकिन बेहद राहतभरा निर्णय लिया गया है। परिवहन निगम (State Transport Corporations) के जरिये जल्द ही नए पास सीधे स्कूल-कॉलेजों में वितरित किए जाएंगे।
क्यों जरूरी था यह फैसला?

हर बच्चे का स्कूल उसके घर के पास नहीं होता। कई छात्रों को अपने विद्यालय तक पहुँचने के लिए रोजाना कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है — और उसके लिए बस का किराया चुकाना पड़ता है।
हर परिवार की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं होती। बहुत से परिवारों के लिए रोजाना बस किराया देना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में कई बच्चे स्कूल जाना छोड़ देते हैं — न इसलिए कि उन्हें पढ़ना नहीं था, बल्कि इसलिए कि वहाँ पहुँचने का साधन नहीं था।
CM विजय की सरकार यह मानती है कि बस का किराया बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बनना चाहिए।
किन छात्रों को मिलेगा फायदा?
- स्कूली छात्र → यूनिफॉर्म पहनकर मुफ्त यात्रा
- सरकारी Arts & Science कॉलेज के छात्र → कॉलेज ID कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा
- Government Polytechnic और ITI छात्र → कॉलेज ID कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा
परिवहन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि पीक स्कूल आवर्स में बस सेवाओं की विशेष निगरानी की जाएगी और बस कंडक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे यूनिफॉर्म में आए छात्रों को बस से न उतारें — ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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पर्दे पर विजय हमेशा गरीबों का साथ देने वाले नायक की भूमिका में दिखते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह साबित किया है कि उनका वह किरदार सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था।
CM विजय चाहते हैं कि राज्य का हर बच्चा — चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से आए — रोज स्कूल जाए, नियमित उपस्थिति बनाए रखे और अपनी शिक्षा बिना किसी रुकावट के पूरी करे।
CM विजय का बड़ा ऐलान का असर
इस योजना से राज्य में ड्रॉपआउट दर कम होने की उम्मीद है। जब बच्चे को स्कूल तक पहुँचना आसान हो जाता है, तो वह नियमित रूप से पढ़ने आता है। नियमित उपस्थिति से सीखने में सुधार होता है — और यही सुधार आगे चलकर राज्य की साक्षरता दर को ऊँचा उठाता है।
किताबें और क्लासरूम देना ही शिक्षा का समर्थन नहीं है — बच्चे को उस क्लासरूम तक पहुँचाना भी उतना ही जरूरी है। CM विजय की सरकार ने यही समझा और यही किया।
निष्कर्ष
तमिलनाडु CM विजय का बड़ा ऐलान से राज्य के हजारों बच्चों का भविष्य उज्जवल होने वाला है। जो बच्चा कभी स्कूल जाने को एक बोझ समझता था — किराये की चिंता में — आज वह भी बेफिक्र होकर विद्यालय की ओर कदम बढ़ा सकेगा।
यह कोई साधारण घोषणा नहीं है। यह उन लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जो रोज़ यह सोचते थे कि बच्चे को बस किराया कहाँ से दें। जब शिक्षा के रास्ते की एक-एक रुकावट दूर होती है, तो समाज आगे बढ़ता है।
मेरा मानना है कि यह एक नेक और दूरदर्शी फैसला है — जो सिर्फ बस की सीट नहीं, बल्कि हर बच्चे के सपनों को एक मजबूत आधार दे रहा है। काश देश के बाकी राज्य भी इससे प्रेरणा लें।
आपकी राय: क्या अन्य राज्यों को भी तमिलनाडु से यह सीख लेनी चाहिए? नीचे कमेंट में बताएं।