थाई मांगुर बैन क्यों हुआ भारत में? इसे खाने से होता है कैंसर का खतरा — जानिए सच

By Roman Topno

Published on: June 8, 2026

Thai Magur is banned in India.
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थाई मांगुर, जिसे अंग्रेजी में Thai Magur Fish कहते हैं, भारत में पूरी तरह बैन है। इसके बावजूद यह मछली कई राज्यों में अवैध तरीके से पाली जा रही है और बाजारों में देसी मांगुर बताकर कम दामों में बेची जा रही है। इसे खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने की पूरी संभावना है। आइए जानते हैं कि थाई मांगुर बैन के पीछे क्या कारण है और यह हर इंसान के लिए कितनी खतरनाक है।

भारत में थाई मांगुर बैन क्यों है?

थाई मांगुर बैन किया गया है इंडिया में।
थाई मांगुर बैन किया गया है इंडिया में।

 

भारत में थाई मांगुर बैन करने के पीछे बहुत बड़े कारण हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने थाई मांगुर को सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक घोषित किया और सन 2000 में इसे भारत में पूरी तरह बैन कर दिया गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मछली को खाने वालों को तो नुकसान है ही — अगर यह मछली आपके आसपास पाली जा रही है तो भी आपको खतरा हो सकता है।

कैंसर की संभावना

थाई मांगुर को पालने के लिए हानिकारक केमिकल और हार्मोन जैसे पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे खाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

पर्यावरण को नुकसान

थाई मांगुर एक विदेशी मछली की प्रजाति है जिसे मुनाफे के लिए थाईलैंड से भारत लाया गया। यह देसी मछलियों को खाकर उनकी संख्या तेज़ी से घटा रही है जिससे भारत के जलीय पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है।

देसी मांगुर को खतरा

थाई मांगुर एक मांसाहारी मछली है जो अन्य मछलियों को नष्ट करती है। इसकी वजह से देसी मांगुर की प्रजाति तेज़ी से खत्म हो रही है जो कि एक औषधीय और पौष्टिक मछली है।

थाई मांगुर मछली क्या है?
थाई मांगुर मछली क्या है?

 

थाई मांगुर को वैज्ञानिक भाषा में Clarias batrachus कहते हैं। इसे Walking Catfish के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह जमीन पर भी चल सकती है। यह मछली थाईलैंड से भारत लाई गई थी इसीलिए इसे थाई मांगुर कहा जाता है। एक समय में भारत में इसे बड़े पैमाने पर पाला जाता था और बाजारों में खूब बिकती थी।

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क्या थाई मांगुर खाने से कैंसर हो सकता है?

जी हाँ, थाई मांगुर खाने से कैंसर होने की गंभीर संभावना है। इसे केमिकलयुक्त पानी में पाला जाता है, जिससे पूरी मछली में हानिकारक तत्व समा जाते हैं। इसे खाने से शरीर पर ये नुकसान होते हैं:

  • लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचता है
  • लंबे समय तक खाने से कैंसर होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है
  • इस मछली में मौजूद केमिकल धीरे-धीरे शरीर में जमा होते रहते हैं और गंभीर बीमारियाँ पैदा करते हैं
  • बच्चों को खिलाने पर उनका शारीरिक विकास रुक सकता है
  • पाचन तंत्र पूरी तरह कमजोर हो जाता है।

बाजार में थाई मांगुर को कैसे पहचानें?

बाजार में थाई मांगुर को कैसे पहचानें?
बाजार में थाई मांगुर को कैसे पहचानें?

कई जगह लोगों को पता चल गया है कि थाई मांगुर खाने से बीमारी होती है इसलिए इसके व्यापारी इसे देसी मांगुर बताकर बेचते हैं। ऐसे में इन तरीकों से पहचान करें:

  • थाई मांगुर ज्यादा मोटी और लंबी होती है
  • इसका रंग एकदम काला और चिकना होता है
  • देसी मांगुर में भूरे धब्बे होते हैं
  • देसी मांगुर का आकार छोटा होता है
  • थाई मांगुर बहुत कम दाम में मिलती है — यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है

थाई मांगुर इतनी सस्ती क्यों है?

थाई मांगुर के सस्ते होने का एक बड़ा कारण है। यह मछली सिर्फ 3 से 4 महीने में बिकने लायक हो जाती है इसीलिए मछली पालक इसे पसंद करते हैं — कम लागत में ज्यादा मुनाफा। लेकिन इस सस्ती कीमत के पीछे एक बड़ी सच्चाई छुपी है। इस मछली को गंदे पानी और जहरीले केमिकल में पाला जाता है, जो इसे इंसानों के लिए बेहद खतरनाक बनाता है।

निष्कर्ष

अगर आप और आपका परिवार स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो थाई मांगुर के सेवन से दूर रहें। साथ ही अपने पड़ोसियों और परिचितों को भी थाई मांगुर बैन के बारे में जरूर बताएं। सस्ती मछली के लालच में अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें।

“थाई मांगुर से बचिए — अपनी सेहत बचाइए।”

 

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